अब की बार तुम निराश ना करना, जागते रहना दिन भर अवकाश न भरना। रात बनी सोने को दि अब की बार तुम निराश ना करना, जागते रहना दिन भर अवकाश न भरना। रात...
कभी-कभी मेरा हाथ थामे साथ चलते-चलते तुम्हारी निगाह कहीं शून्य में अटक जाती है। कभी-कभी मेरा हाथ थामे साथ चलते-चलते तुम्हारी निगाह कहीं शून्य में...
कोरोना से डरने की कोई बात नहीं है। छोटी सी बीमारी है इत्ती बड़ी बात नहीं है। कोरोना से डरने की कोई बात नहीं है। छोटी सी बीमारी है इत्ती बड़ी बात नहीं है।
मम्मी ! पापा से बोलो ना, थोड़ा-सा तुम भी रो लो ना। बाहर की दुनिया कैसी है, दिखने मे मम्मी ! पापा से बोलो ना, थोड़ा-सा तुम भी रो लो ना। बाहर की दुनिया कैसी ...
जो रहा मैं, वो तो कोई और था, जो कोई और था, खुद को वही बनाता रहा ! जो रहा मैं, वो तो कोई और था, जो कोई और था, खुद को वही बनाता रहा !
संवाद स्थापित ये टेक्नोलॉजी न होती तो क्या होता। संवाद स्थापित ये टेक्नोलॉजी न होती तो क्या होता।